1. दस्त होने पर क्या उपाय करें?
1. ORS घोल दें
- ORS का पैकेट उस पर लिखी पानी की मात्रा के अनुसार साफ पानी में घोलें।
- 2 साल से कम उम्र के बच्चे को हर दस्त के बाद लगभग 50–100 mL ORS थोड़ा-थोड़ा करके दें।
- उल्टी होने पर 5–10 मिनट रुककर फिर धीरे-धीरे पिलाएँ।
- बनाया हुआ ORS 24 घंटे बाद फेंक दें।
2. स्तनपान जारी रखें
- बच्चा स्तनपान करता है तो बार-बार कराएँ।
- सामान्य, हल्का भोजन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में देते रहें, जैसे खिचड़ी, केला, दही या चावल।
3. जिंक के बारे में डॉक्टर से पूछें
– बच्चों के दस्त में जिंक की सलाह दी जा सकती है। बच्चे की उम्र और उचित खुराक के अनुसार डॉक्टर से पूछकर दें।
2. किन सावधानियों का ध्यान रखें?
- दस्त रोकने वाली दवा या एंटीबायोटिक अपने आप न दें।
- सौंफ का गाढ़ा पानी, हरड़ या अन्य घरेलू नुस्खों को इलाज का विकल्प न बनाएँ।
- जूस, कोल्ड ड्रिंक और बहुत मीठे पेय न दें।
- खाना खिलाने और डायपर बदलने के बाद हाथ साबुन से धोएँ।
- बच्चे के पेशाब, सक्रियता, पीने की क्षमता और दस्त की संख्या पर ध्यान दें।
3. कब तुरंत अस्पताल जाएँ?
इनमें से कोई भी लक्षण हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें:
- दिन में 10–12 बार या लगातार पानी जैसे दस्त।
- पेशाब बहुत कम होना या 6–8 घंटे से पेशाब न होना।
- आँखें धँसना, मुँह सूखना या हाथ-पैर ठंडे होना।
- बच्चा बहुत सुस्त होना या पानी/ORS न पी पाना।
- बार-बार उल्टी या मल में खून आना।
- वजन तेजी से कम होना।
अस्पताल पहुँचने तक घर पर क्या करें?
1. ORS घोल तुरंत दें
ORS का पैकेट उस पर लिखी पानी की मात्रा के अनुसार ही साफ पानी में घोलें। चम्मच से बार-बार थोड़ा-थोड़ा पिलाएँ। हर पानी जैसे दस्त के बाद लगभग 50–100 mL ORS देने की कोशिश करें। यदि उल्टी हो, तो 5–10 मिनट रुककर धीरे-धीरे फिर शुरू करें।
2. स्तनपान और भोजन जारी रखें
यदि बच्चा स्तनपान करता है, तो बार-बार कराएँ। बच्चा जो हल्का सामान्य भोजन सहन कर सके, वह थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दें।
3. बिना सलाह कोई नई दवा न दें
दस्त रोकने वाली दवा, जैसे लोपेरामाइड, या अपनी तरफ से एंटीबायोटिक न दें। डॉक्टर की लिखी दवाइयाँ और उनकी पर्ची अस्पताल साथ लेकर जाएँ।
इन लक्षणों पर विशेष ध्यान दें
- बच्चा बहुत सुस्त हो या जगाने में परेशानी हो।
- पानी/ORS न पी पा रहा हो या बार-बार उल्टी कर रहा हो।
- पेशाब बहुत कम हो या 6–8 घंटे से न हुआ हो।
- आँखें धँसी हों, मुँह सूखा हो, हाथ-पैर ठंडे हों या मल में खून आए।
इनमें से कोई भी लक्षण हो तो तत्काल इमरजेंसी में जाएँ। बच्चा ORS भी नहीं पी पा रहा हो तो जबरदस्ती न पिलाएँ।
बच्चों में दस्त होने पर सही उपाय और सावधानियाँ नीचे दी गई हैं। खासकर 14 महीने के बच्चे में बार-बार पानी जैसे दस्त होने पर डिहाइड्रेशन का खतरा रहता है।
1. दस्त होने पर क्या उपाय करें?
1. ORS घोल दें
- ORS का पैकेट उस पर लिखी पानी की मात्रा के अनुसार साफ पानी में घोलें।
- 2 साल से कम उम्र के बच्चे को हर दस्त के बाद लगभग 50–100 mL ORS थोड़ा-थोड़ा करके दें।
- उल्टी होने पर 5–10 मिनट रुककर फिर धीरे-धीरे पिलाएँ।
- बनाया हुआ ORS 24 घंटे बाद फेंक दें।
2. स्तनपान जारी रखें
- बच्चा स्तनपान करता है तो बार-बार कराएँ।
- सामान्य, हल्का भोजन थोड़ी-थोड़ी मात्रा में देते रहें, जैसे खिचड़ी, केला, दही या चावल।
3. जिंक के बारे में डॉक्टर से पूछें
– बच्चों के दस्त में जिंक की सलाह दी जा सकती है। बच्चे की उम्र और उचित खुराक के अनुसार डॉक्टर से पूछकर दें।
2. किन सावधानियों का ध्यान रखें?
- दस्त रोकने वाली दवा या एंटीबायोटिक अपने आप न दें।
- सौंफ का गाढ़ा पानी, हरड़ या अन्य घरेलू नुस्खों को इलाज का विकल्प न बनाएँ।
- जूस, कोल्ड ड्रिंक और बहुत मीठे पेय न दें।
- खाना खिलाने और डायपर बदलने के बाद हाथ साबुन से धोएँ।
- बच्चे के पेशाब, सक्रियता, पीने की क्षमता और दस्त की संख्या पर ध्यान दें।
3. कब तुरंत अस्पताल जाएँ?
इनमें से कोई भी लक्षण हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें:
- दिन में 10–12 बार या लगातार पानी जैसे दस्त।
- पेशाब बहुत कम होना या 6–8 घंटे से पेशाब न होना।
- आँखें धँसना, मुँह सूखना या हाथ-पैर ठंडे होना।
- बच्चा बहुत सुस्त होना या पानी/ORS न पी पाना।
- बार-बार उल्टी या मल में खून आना।
- वजन तेजी से कम होना।
Disclaimer: यह सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी है, डॉक्टर की जाँच और उपचार का विकल्प नहीं है।
